वजन बढ़ाने का आयुर्वेदिक उपाय
वजन बढ़ाने का आयुर्वेदिक उपाय
क्या आप बहुत पतले हैं और वजन बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक उपाय ढूंढ रहे हैं? जानिए यहाँ प्राकृतिक जड़ी-बूटियों, आहार और दिनचर्या के ज़रिए स्वस्थ तरीके से वजन बढ़ाने के सर्वश्रेष्ठ आयुर्वेदिक नुस्खे।
वजन बढ़ाना क्यों ज़रूरी है?
आज के समय में जहाँ मोटापा एक समस्या है, वहीं बहुत से लोग अत्यधिक पतलेपन (Underweight) से परेशान हैं। पतलापन न सिर्फ़ शरीर की सुंदरता को प्रभावित करता है, बल्कि कमजोरी, थकान, इम्युनिटी की कमी और मानसिक तनाव का कारण भी बन सकता है।
आयुर्वेद के अनुसार, यदि शरीर में वात दोष बढ़ जाता है, तो पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है और भोजन से पोषक तत्वों का अवशोषण सही तरह से नहीं हो पाता।
इसलिए, वजन बढ़ाने के लिए सबसे पहले पाचन शक्ति को मजबूत करना और शरीर की ओजस (Vitality) को बढ़ाना ज़रूरी है।
वजन बढ़ाने के लिए मुख्य आयुर्वेदिक सिद्धांत
आयुर्वेद के अनुसार, वजन बढ़ाने का अर्थ केवल “फैट बढ़ाना” नहीं है, बल्कि शरीर में मांस धातु (muscle tissue), मेद धातु (healthy fat) और बल (strength) का विकास करना है।
इसके लिए तीन प्रमुख चीज़ों पर ध्यान देना चाहिए:
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अग्नि (Digestive Fire) को संतुलित रखना
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सात्त्विक एवं पौष्टिक आहार लेना
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दिनचर्या और निद्रा को नियमित करना
वजन बढ़ाने के सर्वश्रेष्ठ आयुर्वेदिक उपाय
1. अश्वगंधा (Ashwagandha)
अश्वगंधा एक शक्तिवर्धक और तनाव घटाने वाली जड़ी-बूटी है। यह शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करती है और भूख को बढ़ाती है।
कैसे लें:
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1 गिलास दूध में 1 चम्मच अश्वगंधा चूर्ण मिलाकर रात को सोने से पहले पिएं।
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लगातार 1–2 महीने तक सेवन करें।
2. शतावरी (Shatavari)
शतावरी शरीर में पौष्टिकता बढ़ाती है, हार्मोन को संतुलित करती है और पाचन शक्ति को सुधारती है।
कैसे लें:
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आधा चम्मच शतावरी चूर्ण दूध या घी के साथ दिन में दो बार लें।
3. विदारीकंद (Vidarikand)
यह एक उत्कृष्ट टॉनिक है जो शरीर को ताकत देता है और वज़न बढ़ाने में मदद करता है।
कैसे लें:
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विदारीकंद चूर्ण को दूध में मिलाकर सुबह खाली पेट सेवन करें।
4. च्यवनप्राश
च्यवनप्राश एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक सूत्र है जिसमें 40 से अधिक जड़ी-बूटियाँ होती हैं। यह इम्युनिटी और ऊर्जा दोनों बढ़ाता है।
कैसे लें:
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रोज़ सुबह नाश्ते से पहले 1–2 चम्मच च्यवनप्राश लें।
5. घी और दूध का संयोजन
आयुर्वेद में कहा गया है कि “घृतं जीवनीयं” यानी घी जीवनदायी है।
कैसे लें:
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दिन में दो बार गर्म दूध में 1 चम्मच शुद्ध देसी घी मिलाकर पिएं।
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इससे शरीर को स्वस्थ वसा और ऊर्जा मिलती है।
6. सौंठ और गुड़ का सेवन
ये दोनों पाचन को सुधारते हैं और भूख बढ़ाते हैं।
कैसे लें:
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बराबर मात्रा में सौंठ पाउडर और गुड़ मिलाकर सुबह खाली पेट खाएं।
7. किशमिश और अंजीर
किशमिश और अंजीर शरीर में प्राकृतिक मिठास और खनिज तत्व जोड़ते हैं जो वज़न बढ़ाने में सहायक हैं।
कैसे लें:
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रात में 5-6 किशमिश और 2 अंजीर भिगोकर सुबह सेवन करें।
वजन बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक आहार (Diet Plan)
आयुर्वेदिक दृष्टि से “आहार ही औषधि है।” इसलिए सही भोजन करना सबसे ज़रूरी है।
✔️ सुबह का नाश्ता
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दूध, घी में बना दलिया या खिचड़ी
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बादाम, किशमिश और केले
✔️ दोपहर का भोजन
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चावल, दाल, सब्जी, घी और सलाद
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दही या छाछ अवश्य लें
✔️ शाम का नाश्ता
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मिल्कशेक (केला, आम, या खजूर)
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मूंगफली या भुना चना
✔️ रात का भोजन
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हल्का लेकिन पौष्टिक खाना (रोटी, दाल, सब्जी)
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सोने से पहले दूध ज़रूर लें
वजन बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक दिनचर्या
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जल्दी उठें – सूर्योदय से पहले उठना शरीर की प्राकृतिक ऊर्जा को संतुलित करता है।
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अभ्यंग (तेल मालिश) – रोज़ तिल या नारियल तेल से शरीर की हल्की मालिश करें।
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योग और प्राणायाम – भुजंगासन, मकरासन, शवासन और कपालभाति जैसे योगासन वजन बढ़ाने में मदद करते हैं।
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अच्छी नींद – 7-8 घंटे की नींद शरीर के विकास के लिए आवश्यक है।
कुछ अतिरिक्त सुझाव
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भोजन में तले हुए या जंक फूड से बचें।
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पानी अधिक मात्रा में पिएं, लेकिन भोजन के तुरंत बाद नहीं।
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अधिक तनाव या चिंता से बचें — ये पाचन को कमजोर करते हैं।
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नियमित अंतराल पर भोजन करें, भूखे न रहें।
निष्कर्ष:
वजन बढ़ाना कोई एक-दो दिन की प्रक्रिया नहीं है — यह शरीर के संतुलन और नियमितता पर निर्भर करता है।
आयुर्वेद में बताए गए ये उपाय प्राकृतिक, सुरक्षित और लंबे समय तक असर दिखाने वाले हैं।
यदि आप रोज़ाना पौष्टिक आहार, पर्याप्त नींद और सही जड़ी-बूटियों का सेवन करते हैं, तो निश्चित रूप से आपका शरीर स्वस्थ और संतुलित वजन प्राप्त करेगा।
डिस्क्लेमर: वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह अवश्य लें।
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